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"केडीएल भगाओ,कोटा बचाओ "आंदोलन को मिल रहा अपार जन सहयोग...

हमतो भर लेंगे तिजोरी तुमको लूटकर, बोलो बचकर कैसे दिखाओगे ... सुनने वाला तुम्हारी यहाँ कोई नहीं, तुम चाह कर भी कुछ न कर पाओगे .. मौन है यहाँ सारे आका तुम्हारे, तुम किससे अर्जी लगवाओगे ... खरीद लिया तुम्हारा सुख "उनसे", तुम बस मजबूर बनके,आंसू ही बहा पाओगे .. स्मार्ट मीटर से आम इंसान की जेब पर झटके देने वाली कंपनी की और से ये लाइन कोटा की जनता पर सटीक बैठती है I      शैक्षणिक नगरी में जहा लाखो विद्यार्थी पुरे देश से हर साल शिक्षा के लिए आते है,उनको अब स्मार्ट मीटर की वजह से ज्यादा किराया देना पड़ रहा है, हजारो युवाओ के रोजगार पर इस स्मार्ट मीटर का असर इतना पड़ा की उनके घर के राशन प् इसका सीधा असर देखने को मिला, चाहे गरीब हो या अमीर, सबकी जेबो पर डाका डाल रहा है यह स्मार्ट मीटर ... लेकिन कोटा के ही एक समाजसेवी एवं राजस्थान नव निर्माण संघठन के अध्यक्ष हिम्मत सिंह हाडा कोटा के दर्द को समझते हुए इस निजी तानाशाही कंपनी को कोटा से हटाने के लिए आंदोलन छेड़ा है, जिसे कोटा की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है , हिम्मत सिंह हाडा ने चेतनावणी भी दी है यदि यह कंपनी को सरकार...

IIT मंडी में भ्रष्टाचार पर महीनो बाद भी सरकार चुप, विरोध में मुंडवाया सर.....

हमारे देश में भ्रष्टाचार का दीमक सदियों से चला आ रहा है। कई सरकारों ने इसके खिलाफ कड़ा रुख ज़ाहिर कर सत्ता हथियाई, लेकिन सत्ता में आने के बाद हर बार आम जनता को धोखा दिया गया। ऐसी ही कुछ कहानी है मंडी, हिमाचल प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय स्तर की नामी संस्थान आईआईटी मंडी की। जहां अभी बरसात के मौसम में भूचाल आया हुआ है। अक्सर शांत रहने वाले हिमाचल में इन दिनों आरोपों का दौर चला जा रहा है।  मेने एवं एक अधिकारी कर्नल देवांग नाइक ने आईआईटी मंडी में हो रहे कुकर्मों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। गत महीने मीडिया से बात करते हुए बताया कि किस तरह से भाई भतीजावाद आईआईटी में हावी हो रहा है। उसके बाद चहेतों को नौकरी, कर दाता के पैसे की बर्बादी, कर्मचारियों में भेदभाव के साथ-साथ ढेरों अनियमतता आदि पर सबूतों के साथ आईआईटी में हो रहे घोटालों का पर्दाफाश किया। साथ ही सरकार से अपील भी की कि इन सबकी निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, जिसके लिए चालीस दिन की समय सीमा सरकार को दी गयी। किन्तु देश का दुर्भाग्य है की सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है, बल्कि आईआईटी मंडी ने हमको कारण ...

रोती आई आई टी, बिलखता हिमाचल .....बचालो स्वार्थी रहनुमाओ से,गन्दा कर दिया इन्होने मेरा आँचल

ऊँचे ऊँचे सपने थे,पंख फैला कर इठलाता यह चला तो था माँ भारती को बचाने एक तिनका पहाड़ से भिड़ा  तो था.. होना क्या था...पहाड़ के इशारो पर उसके रहनुमा हवा के झोंको ने कि कोशिश उड़ाने की तिनके को ....लेकिन तिनका भी कहा डिगा था अपनी जिद पर कट्टर वो तोअड़ा था ... हुआ घमासान.... हिल गयी नीव पहाड़ की...जो सालो से अट्टहास के साथ अकड़ कर खड़ा था तिनका था मासूम और छोटा..रहनुमाओ ने खेला खेल, बड़ा ही खोटा.. प्रयास था तिनके को कमजोर करने का लेकिन.... तिनके की नियत थी साफ और इरादा था ठोस.. पहाड़ का घमंड हुआ चूर जब मिला तिनके को बोस... अब लड़ाई तिनके की है जारी क्योकि रहनुमाओ के साथ पहाड़ के चूर होने की है तैयारी... वक्त ये भी आएगा ..रहनुमाओ का बादशाह काल कोठरी मे गुनगुनाएगा.. वक्त का पहिया है वक्त से चलेगा .. देखना ये है तिनके जो चला था ...कब तक चलेगा... होगी छल, भय की पराकाष्ठा ...तिनका है छोटा सा मासूम ये कब तक सहेगा.... तिनका है छोटा सा मासूम ये कब तक सहेगा...  आई आई टी मंडी में हो बवंडर के बीच तिनके रूपी छोटे से कर्मचारी यानि की मुझे अब मानसिक अस्वस्थ बोलकर जो आप यह आरोप से बच कर ...

यदि आप रेलवे में कैटरिंग का सामान खरीद रहे है तो जरूर पड़े इस ब्लॉग को क्या पता शायद आपको भी कोर्ट का रुख करना पड जाये... ...

व्यवस्था सुधारने के लिए करे कितने जतन लेकिन वो भी पड गए कम , एक बार अपनों से पूछ लिया होता तो न परेशां आप होते न हम.. यही किस्सा इंडियन रेलवे पर लागु होता है ..अभी भी 35 Rs  का मामला कोर्ट में लेकर गया ,बात यहाँ 35रुपये की नहीं रेलवे की उदासीनता एवं यात्रियों के साथ किये जा रहे धोखे की है की किस तरह से यात्री के विश्वास को तोडा जाता है ... उसी का अगला उदारहरण है जो इस ब्लॉग में आपसे कहने जा रहा हु .... यदिआप  रेलवे में कैटरिंग का सामान खरीद रहे है तो जरूर पड़े इस ब्लॉग को क्या पता शायद आप भी कोर्ट की तरफ रुख कर सके .... My previous blog link regarding this issue dated 12.12.2017 जुलाई 01, 2017 से होटल, रेस्ट्रोरेन्ट आदि पर 18%GST के साथ खाने पिने की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया था, जिससे रेलवे कैटरिंग में भी  18%GST  से खाने पिने की कीमतों में उछाल आया, लेकिन  गुजरात चुनाव से पहले लोगो को लुभाने के लिए 23rd GST कौंसिल में निर्णय हुआ की सभी होटल ,रेस्ट्रोरेन्ट जिसमे खाने पिने की चीजे परोसी जाती है उनमे 18% से सीधे 5%  GST  ही लिया जायेग...

कठुआ & उन्नाव पर रोष..बाकि की बेटियों पर खामोश???

कठुआ & उन्नाव पर रोष..बाकि की बेटियों पर खामोश??? आ की तरह ही सब बेटियों के लिए न्याय की मांग करते तो शायद आज राजनीती गलियारों में इतनी हलचल न होती .... आ के साथ हर बेटी का हक़ है न्याय मिलना...चाहे मुजरिम तिलक राज हो या मेलम आलम 8 साल की आ पर हुई दरिंदगी ने पुरे देश को झकझोर दिया...होना भी चाहिए आखिर वर्दी वाला ही गुंडा निकला, तिलकधारी ही वहशी निकला....मंदिर जैसी पवित्र जगह पर तीन दिन तक रखा उस बच्ची को...फिर दफ़न करने के लिए २ गज जमीन तक नहीं दी गयी ....क्रूरता की सारी हदें पार की ... उसी तरह उन्नाव में भी हुआ विधायक जी ने एक बच्ची की अस्मत लूट ली और उसी के गुंडे भाई ने उसके ही पिता की निर्मम हत्या करवा दी ....दिल दहल जाता है है ऐसे वाकये सुनकर...इन लोगो को भारत के कानून से नहीं किसी अरब देश के कानून के हिसाब से सजा देनी चाहिए .... हमे दीपिका सिंह राजावत जैसी कद्दावर वकीलों की तारीफ करनी चाहिए जो कठुआ केस में आ को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रही रही है ...दीपिका इंदिरा जयसिंह के NGO   के लिए काम करती है ....लेकिन दुःख हुआ जानकर के इंदिरा जयसिंह  जो की नेशनल एडिशनल सॉलिसिटर...

हैवानियत का दूसरा नाम "कठुआ" गैंगरेप....क्या हिन्दू-मुसलमान कर करके मानवता को जिन्दा जला दिया हमने?

तूने न इतनी सी उम्र में कितनी बड़ी कीमत चुकाई ...पुरे हिंदुस्तान को कर्जदार कर दिया ... कुछ तो चले थे आबरू कमाने ..तूने आज हम सब को नीलाम कर दिया ... 2010 में मोहम्मद यूसुफ़ ने अपनी बहन की बेटी को गोद ले लिया था। बकरवाल घुमंतू समुदाय के यूसुफ़ ने जम्मू को अपना ठिकाना बना लिया था जहां पांच साल से इस समुदाय को लेकर डोगरा हिन्दुओं के मन में आबादी का भय खड़ा किया जा रहा था। रोहिंग्या मुसलमानों के यहां बसाए जाने से भी इसे हवा मिली कि आबादी का संतुलन बदल रहा है। आप जानते हैं कि आबादी का भय कौन खड़ा करता है। इनके भीतर का ज़हर ऊपर आने लगा कि कहीं जम्मू में भी मुसलमान न भर जाएं।  शक और नफ़रत ने आठ साल की बच्ची को अपना शिकार बना लिया। आप चार्जशीट पढ़िए तो आपके भीतर बैठी उस भीड़ का ख़ौफ़नाक़ चेहरा नज़र आने लगेगा। चार्जशीट में लिखा है कि इस हत्या में मंदिर का पुजारी 60 साल का सांझी राम और पुलिस अफ़सर दीपक खजुरिया शामिल है। इलाक़े से बकरवाल को भगाने की प्लानिंग कर रहे सांझी राम की नज़र कई दिनों से इस बच्ची पर थी। अक्सर टट्टूओं को चराने ले जाती थी। सांझी राम ने यह प्लान दीपक खजुरिया, अपने ...

चुनाव व्यवस्था पर उठाये थे सवाल, राज्य चुनाव आयोग ने दिए थे जाँच के आदेश किन्तु 3 महीनो में भी नहीं हुई जाँच ...

हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बारे में दिसम्बर में दिए गए फीडबैक पर राज्य मुख्य चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री के गृह जिले मंडी के जिला चुनाव अधिकारी से जवाब माँगा था किन्तु 28 दिसम्बर 2017 के लिखे हुए पत्र पर अभी तक भी जिला चुनाव अधिकारी ने कोई संज्ञान नहीं लिया, क्या इसी तरह से सुधारेंगे चुनाव व्यवस्था ? यदि कोई भारतीय अपनी जिम्मेदारी समझ कर ,बहुमूल्य समय देकर कुछ फीडबैक देता है ताकि आगे से व्यवस्था सुधर सके तो चुनाव आयोग को खुश होकर इस तरह के कदम का स्वागत करना चाहिए किन्तु यहाँ केंद्रीय चुनाव आयोग ने तो इस पर संज्ञान लेना तक जरुरी नहीं समझा एवं राज्य चुनाव आयोग ने जिला चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट मांगने का पत्र भेज कर इति-श्री  कर ली और उन्ही से एक कदम आगे बढ़कर जिला चुनाव अधिकारी निकले, जिन्होंने शायद इस पत्र को कोई तव्वजो ही नहीं दी ....इसका सारांश यह निकला की, आम इंसान के द्वारा यदि देश में बदलाव लाने की जो बड़ी बड़ी बातें की जाती है वो सिर्फ कागजी या हवाई बातें ही होती है हकीकत का उनसे कोई सरोकार नहीं ...और इसीलिए शायद आम इंसान सिस्टम को अपना लेता है... प्रधा...