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आई आई टी मंडी के अधिकारी ने पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद आई आई टी में कार्यरत होते हुए की दसवीं कक्षा पास

यु तो आई आई टी नई-नई शोध के लिए जाना जाता है. यहाँ विद्यार्थी एवं शिक्षक गण शोध करके नई पद्दति के बारे में देश एवं लोगो को अवगत कराते है लेकिन, आई आई टी मंडी के एक अधिकारी ने अपनी एजुकेशन से अब सबको हेरत में डाल दिया है । यु तो भारत में सामान्यत: लोग दसवीं, बारवी, ग्रेजुएशन एवं फिर पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करते है, लेकिन आई आई टी मंडी में जूनियर सुपरिंटेंडेंट के पद पर कार्यरत श्रीमान पविन एस सैमुअल ने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद दसवीं की परीक्षा पास करके भारत की शिक्षा नीति में एक नया उदाहरण  पेश किया है, साथ ही आई आई टी प्रशासन के स्टाफ की शिक्षा संबंधी गुणवत्ता के ऊपर भी कई सवाल खड़े कर दिए है और देश के बच्चो को बता दिया की, अब स्कूल एवं कॉलेज की मोटी फीस एवं रेगुलर पढ़ाई से आजादी मिल चुकी है । श्रीमान पविन सैमुअल शायद आई आई टी मंडी में विद्यार्थियों, शिक्षकगण,स्टाफ में एक मात्र पहले और आखिरी व्यक्ति होंगे जिन्होंने कभी दसवीं एवं बारवी कक्षा के लिए स्कूल का मुँह नहीं देखा,उससे पहले का में कह नहीं सकता कि उससे पहले कभी स्कूल गए थे या नहीं , स्कूल में 12 वीं तक क...

कोरोना काल में बिजली बिल माफ़ी की जगह, राजस्थान सरकार ने बिजली दर में बढ़ोतरी कर आमजन को दिया करंट

जहां एक तरफ पूरा देश कोरोना जैसी त्रासदी से गुजर रहा है, लोगो के पास रोजगार की समस्या है, खाने के पैसे नहीं , बड़ी मुश्किल से जैसे तैसे खर्चा चल रहा है, दुकाने ठप्प पड़ी है, धंधा चौपट हो चला है वहीं राजस्थान सरकार के बिजली निगम ने बिजली की दरों में वृद्धि कर आमजन को दोहरी मार दी है। जहां एक तरफ कांग्रेस की प्रियंका गाँधी उत्तर प्रदेश सरकार से कोरोना काल में आमजन की समस्या को देखते हुए बिजली बिल को पूर्णतया माफ़ करने के लिए पत्र लिख रही है वहीं उनकी खुद की सरकार वाले राज्य राजस्थान में बिजली विभाग ने चुपचाप से दरों में वृद्धि कर आमजन को जोरदार करंट दिया है ।  कोटा में बिजली प्रदात्ता निजी कंपनी ने जब ऑनलाइन बिल जारी किये तब इस बढ़ोतरी का खुलासा हुआ, हालाँकि यह बढ़ोतरी राज्य सरकार ने की है , निगम ने की है या बिजली प्रदाता कंपनी ने, इस पर मुझे अभी तक कोई क्लैरिटी नहीं है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने भी क्या बिजली के बिलो में वृद्धि  की है यह जानने का विषय है । नयी बिजली दर 01 फरवरी 2020 से लागु है जिसका प्रथम बिल मार्च यानि की लोक डा...

फिजूल खर्चा: देश की अर्थव्यवस्था लुढ़क रही है लेकिन IIT रोपड़ के निर्देशक ने इंटीरियर एवं कार में ही उड़ा दिए रु 80 लाख से ज्यादा

"मेरे पास गाड़ी है बंगला है पैसा है तेरे पास क्या है"? यह डायलॉग सुना होगा, नहीं भी सुना तो दुबारा सुन लो क्योकि यह डायलॉग सुहाग मूवी के बाद आई आई टी रोपड़ के निर्देशक महोदय यदि अपने भाई से बोले तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा। उनके पास महंगी गाड़ी, शानदार बंगला और उसमे एक से बढ़कर एक ब्रांडेड आइटम है ।सुचना के अधिकार के तहत मेरे ऑफिस स्टाफ मेंबर अमित शर्मा को मिली जानकारी से पता चला है की आई आई टी रोपड़ के निर्देशक महोदय ने कार पर, निवास के इंटीरियर पर, इलेक्टॉनिक आइटम्स पर 80 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करके दर्शा दिया की    देश की इकॉनमी भले ही हो खोज में, लेकिन हम तो रहेंगे फूल मौज में । एक तरफ जहां भारत की ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट रेट निचे से नए रिकॉर्ड बना रही है, देश में अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है यहाँ तक की देश में राज करने वाले सांसद महोदय तक अपने निजी खर्चो में कटौती कर रहे है, देश बुरे दौर से गुजर रहा है वही आई आई टी रोपड़ के निर्देशक महोदय बेफिक्र होकर फूल ऐश मार रहे है, मस्त मोला डायरेक्टर आई आई टी रोपड़ जब अपनी 25 लाख की स्कोडा में निकलते है तो उनकी शान किसी ...

झालावाड़ अभियांत्रिकी कॉलेज : वित्तीय हालत खस्ता,विद्यार्थी पुरे नहीं फिर भी 60 AC,20 प्रिंटर, 3D प्रिंटर खरीदे वो भी महंगे मूल्य में, घोटाले की आशंका?

खस्ता हॉल वाले अभियांत्रिकी कॉलेज में जहां विद्यार्थी दाखिला ले नहीं रहे,वित्तीय हालत खस्ता है, गेस्ट फैकल्टी को नियमानुसार तनख्हवाह मिल नहीं पा रही,  वही प्रबंधन मौज उड़ा रहा है, इसका बड़ा उदहारण में सामने आया है " अभियांत्रिकी कॉलेज झालावाड़" का, जहां अगस्त 2019 में 60 Spilt AC  बाजार से महंगी दर पर खरीदे गए है ओर तो ओर इनके इंस्टालेशन में भी 2000/- रुपये प्रति यूनिट का भुगतान कर सरकार को चुना लगाया है ।  अभियांत्रिकी कॉलेज झालावाड़ ने 60 AC के लिए 21 लाख 17 हजार 990 रुपये का भुगतान किया जिसमे उसको सप्प्लायर ने 3 स्टार 1.5 टन के Carrier , Midea ब्रांड का Santis Pro with R410   Gas  के AC सप्लाई किये यानि की हम कह सकते है प्रत्येक AC का खरीद मूल्य कॉलेज को 35 हजार 300 रुपये पड़ा इसके अलावा, प्रत्येक AC के इंस्टालेशन के लिए कॉलेज ने 2000/-   रुपये के हिसाब से भुगतान भी किया यानि की 60 AC के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया इसी के साथ ही logicare कंपनी का stabilizer भी खरीदा जिसके लिए 1 लाख 6 हजार 276 रुपये का भुगतान सप्प्लायर को क...

चिंताजनक एवं डरावना: हिंसा की पौध तैयार कर रहा है IIT Mandi का माइंड ट्री स्कूल

बच्चे मन के सच्चे,वो अबोध है उनको सिर्फ प्यार, सौहार्द के बारे में शिक्षा दी जाती है क्योकि जैसा उनको सिखाया जाता है वो ही उनकी तालीम बन जाती है  । कच्ची मिटटी की तरह होते है बच्चे, जिस सांचे में ढालो उसी में ढल जाते है। बच्चो के माता पिता उनको नर्सरी से ही अच्छे विद्यालय में भेजते है ताकि उनको एक सम्भ्य, नैतिक एवं मिलनसार इंसान बनने का ज्ञान मिल सके, वो प्यार बांटना सीखे, सौहार्द के साथ सबके साथ रहना सीखे। जो हिंसा के तरीके आतंकवादी , बच्चो को आतंक की ट्रेनिंग में सीखाते है वो तरीके माइंड ट्री स्कूल में पडोसी से बदला लेने के लिए दूसरी क्लास के बच्चो को पढ़ाया जा रहा है.   हिंसा के बारे में कोई बात छोटे बच्चो के सामने करता दिखता नहीं , कोई अपराधी भी होता है तो वो भी बच्चो के सामने अपराध की गाथा नहीं सुनाता लेकिन आई आई टी मंडी कैंपस में चल रहे निजी स्कूल माइंड ट्री दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले मासूम बच्चो को पडोसी से बदला लेने के लिए उनके घर में बम फोड़ने, खिड़की पर पत्थर की बारिश करना जैसी कहानी बता रहा है, वाकई यह शर्मनाक तो है ही लेकिन उससे भी ज्यादा है चिंताजनक, की क्या दूसरी ...

दावा:घाटे में जाती रेलवे, हकीकत:तीन साल में टिकट कैंसलेशन & वेटिंग टिकट से ही कमा लिए 9020 करोड़ से ज्यादा...

भारतीय रेल भले ही घाटे से झूझने की बात कर रही हो और इसके निजीकरण के लिए अलग अलग तर्क दे रही हो, लेकिन मुझे जो जानकारी सुचना के अधिकार के तहत मिली उससे जो  हकीकत सामने आयी वो वाकई चौकाने वाली है. रेलवे को बिना कुछ करे ही औसतन सालाना 5 करोड़ नहीं, 10  करोड़ नहीं, 100 करोड़ नहीं 500  करोड़ नहीं, पुरे 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हो रही है यह कमाई टिकट कैंसलेशन के चार्जेज एवं वेटिंग टिकट रद्द न हो पाने से हो रही है . 01 जनवरी 2017 से लेकर 31  जनवरी 2020 तक रेलवे ने 9020,54,21,351 रुपये इसी तरह कमा लिए और अपने धन में इजाफा किया . File Photo   मेने सेंटर फॉर रेलवे इनफार्मेशन सिस्टम (CFRIS) से सुचना के अधिकार के तहत आवेदन करके विब्भिन तरह के 6 सवाल पूछे थे जिनके माद्यम से जानना चाहा की वेटिंग टिकट जो चार्ट बनने के बाद भी वेटिंग रहे और कैंसल नहीं हो पाए ऐसे टिकट की संख्या बताओ एवं ऐसे टिकट से पिछले तीन साल में रेलवे को कितना धन अर्जन हुआ? रेलवे को पिछले तीन साल में विब्भिन श्रेणी के रिजर्वेशन टिकट कैंसलेशन चार्जेज से कितना धन अर्जन हुआ और ऐसे टिकट ...

मुख्य चयन कर्ता को प्रोग्राम में बुलाया, कहीं Director के चयन को प्रभावित करने की साजिश तो नहीं - IIT Ropar

हमे आदत है जी हुजूरी की क्योकि विश्वास नहीं खुद की काबिलियत पर,  करने दो चापलूसी थोड़ी मुझे भी, टुकड़ा जो बड़ा पाना है...   यह लाइन सटीक बैठती है रोपड़ पर, जहाँ अभी बीते रविवार, 09.02.2020 को एक प्रोग्राम  " ADVITYA 2020 " के नाम पर डॉ राधाकृष्णनन,चैयरमेन स्टैंडिंग कमिटी आई आई टी कौंसिल( Chairmen, SCIC)   को बुलाया गया क्योकि वो निर्देशक आई आई टी रोपड़ के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे जो की आने वाले महीनो में या इसी महीने भी आयोजित किया जा सकता है । कहा जा रहा है, वर्त्तमान निर्देशक महोदय ने आई आई टी रोपड़ का निर्देशक दुबारा बनने के लिए आवेदन किया है और उनका टेन्योर .जून 2020 को खत्म हो रहा है. मंत्रालय ने आई आई टी रोपड़ निर्देशक पद के लिए आवेदन मांगे थे जिसमे कई उम्मीदवारों ने आवेदन किया और अपने उज्जवल भविष्य के लिए एक उम्मीद जताई. आवेदन करने की लास्ट डेट 15 जनवरी 2020 के आस पास थी. उन सभी आवेदनकर्ता को उम्मीद एवं आशा है की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाले पद पर चयन पूरी तरह निष्पक्ष एवं फेयर होगा लेकिन निर्देशक आई आई टी रोपड़ का इस तरह चयन समीति के महत्...